बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की बैठक ———

सिटी न्यूज़ नालंदा ।नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह ने आज बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल बिहार शरीफ द्वारा बताया गया कि बाढ़ आपदा की स्थिति में कटाव निरोधी कार्यों के लिए दो लाख 73 हजार बोरे का भंडार उपलब्ध है, जिसे विभिन्न स्थलों पर भंडारित किया गया है। इसके अतिरिक्त लगभग 5 लाख बोरे की अतिरिक्त अधियाचना भी की गई है।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को कटाव निरोधी कार्यों से संबंधित सभी प्रकार के सामग्रियों के भंडारण का संबंधित अभियंता के साथ संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सभी अभियंताओं को आपदा की स्थिति में सामग्री एवं मैन पावर का मूवमेंट प्लान पूर्व से तैयार रखने का निर्देश दिया गया। सामग्रियों का पूर्व से महत्वपूर्ण स्थलों पर विकेंद्रीकृत भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिले में विभिन्न बांध/ तटबंध के मरम्मती योग्य चिन्हित पॉइंट पर तत्काल मरम्मती का कार्य सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
बाढ़ आपदा की स्थिति में मानव तथा पशुओं को सुरक्षित स्थलों पर रखने के लिए पूर्व से अलग-अलग आश्रय स्थल चिन्हित किये गए हैं। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए प्रत्येक प्रखंड में एक-एक क्वॉरेंटाइन सेंटर को चिन्हित करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को दिया गया। चिन्हित क्वॉरेंटाइन सेंटर में आपदा प्रबंधन विभाग के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बाढ़ प्रवण पंचायतों में प्राथमिकता देते हुए कोविड-19 टीकाकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि आपदा की स्थिति से निबटने के लिए प्रत्येक प्रखंड के लिए मेडिकल टीम चिन्हित किया गया है, साथ ही सभी आवश्यक मानव दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि संभावित सूखा एवं बाढ़ के लिए अलग-अलग वैकल्पिक फसल योजना तैयार की गई है। जिसके लिए बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई जा रही है।
याश चक्रवात से पान, सब्जी,प्याज, मूंग एवं मक्का फसल को हुए नुकसान का आकलन कृषि विभाग के पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अगले एक से दो दिनों में फसल नुकसान का समस्त आकलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पशुपालन विभाग के पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पशु चारा के लिए दर एवं आपूर्तिकर्ता का निर्धारण निविदा के माध्यम से किया जा चुका है। बाढ़ आपदा की स्थिति में सभी प्रखंडों के लिए पशु चिकित्सा दल का गठन किया जा चुका है। आवश्यक पशु दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है।
कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को बाढ़ आपदा की स्थिति में आवश्यकतानुसार नए चापाकल लगाने एवं पुराने चापाकलों के पानी को डिसइनफेक्ट करने के लिए पूर्व से आवश्यक सामग्री एवं मैन पावर को तैयार रखने का निर्देश दिया गया। सभी चिन्हित मानव एवं पशु आश्रय स्थल का सर्वे कर पेयजल के लिए आवश्यकता का पूर्व आकलन करते हुए आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा गया।
कार्यपालक अभियंता विद्युत शहरी एवं ग्रामीण द्वारा बताया गया कि आपदा की स्थिति में विद्युत आपूर्ति को बहाल रखने के लिए आवश्यक मटेरियल पर्याप्त मात्रा में स्टोर में उपलब्ध है। उन्हें मैनपावर को तैयार स्थिति में रखने का निर्देश दिया गया ताकि कम से कम रिस्पांस टाइम में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सके।
कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा बताया गया कि बाढ़ आपदा की स्थिति में ग्रामीण सड़कों को हुए नुकसान की त्वरित मरम्मती के लिए संवेदक को इंपैनल किया जा रहा है। इसके लिए अधिक से अधिक योग्य संवेदक को तैयार रखा जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में नालों की सफाई की जा रही है। इसे अनवरत जारी रखने का निर्देश नगर निगम एवं अन्य नगर निकायों को दिया गया। नवगठित नगर निकायों में भी प्राथमिकता से नालों की सफाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। सभी नगर निकायों को पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर एवं चूना का स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया ताकि साफ सफाई का कार्य त्वरित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में नगर आयुक्त, सिविल सर्जन, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन शाखा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण/ पीएचइडी/ सिंचाई/ विद्युत आपूर्ति/ ग्रामीण कार्य विभाग, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

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