नालंदा: कतरीसराय से फिर धराया शातिर ठग…

बिहारशरीफ।झारखंड के जामताड़ा के बाद ठगी के लिए देश भर में कतरीसराय मशहूर है। कतरीसराय में हर दिन गिरोह की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। दूसरे राज्य की पुलिस भी आए दिन ठगों की तलाश में कतरीसराय पहुंच रही है। गिरोह को जड़ से समाप्त करने के लिए नालंदा पुलिस द्वारा भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी की गई है। एसपी को गिरोह के सक्रिय होने की गुप्त सूचना के बाद राजगीर डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर पुलिस ने शुक्रवार को मायापुर गांव की घेराबंदी कर कार्रवाई की। सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों ओर से घेर कर छापेमारी की। खेत में बैठकर ठगी की दुकान चला रहे सरगना समेत पांच शातिर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मौके से लैपटॉप, 3 प्रिंटर, 05 एटीएम, 1700 रुपया नकदीऑनलाइन शॉपिंग नापतौल के ग्राहकों की 20 पीस सूचीडाकघर के नौकरी का आवेदन 400 पीस, 3 बाइक बरामद किया गया। पकड़ा गया गिरोह दो साल से सक्रिय था। छापेमारी टीम में गिरियक अंचल इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह,गिरियक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नंदकिशोर प्रसादकतरीसराय थानाध्यक्ष आलोक कुमारनालंदा थानाध्यक्ष बिगाउ राम समेत अन्य सुरक्षा कर्मी शामिल थे।

हुआ गिरफ्तार

दानी प्रसाद का पुत्र राजीव रंजनराजकुमार प्रसाद का पुत्र अमर कुमारभिखारी मिस्त्री का पुत्र टुनु मिस्त्रीविजय प्रसाद का सरगना पुत्र विकास कुमारसभी मायापुर निवासी। शेखपुरा जिला के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सरयुगत प्रसाद का पुत्र आलोक कुमार उर्फ पप्पू।

कई गिरोह पुलिस रडार में

पुलिस कप्तान सुधीर कुमार पोरिका ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर बताया कि उन्हें गिरोह के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में टीम गठित कर मायापुर गांव में कार्रवाई की गई। कुछ लोग खेत में बैठ लैपटॉप का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल से बातचीत कर रहे थे। पुलिस को देश संदिग्ध फरार होने लगा। टीम ने पांच बदमाशों को खदेड़कर पकड़ लिया। तलाशी में मौके से भारी में आपत्तिजनक बरामद हुआ। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी ठगी है। गिरफ्तार विकास गिरोह का सरगना है। गिरोह सरकारी नौकरी और इनाम फंसने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। करीब दो साल से गैंग सक्रिय है। डाकघर में बहाली के 400 आवेदन भी मिले हैं। ठग हैकर से आवेदन खरीदकर नौकरी के नाम पर ठगी कर रहे थे। इसी तरह ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के ग्राहकों की सूची उपलब्ध कर उन्हें इनाम फंसने का झांसा देकर ठगी करते थे। पकड़े गए गिरोह का सरगना पार्टनर राजेश कुमार उर्फ हीरोहोंडा है। जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने इलाके में दर्जनों गैंग की शिनाख्त की है। सिर्फ मायापुर गांव में ठग गिरोह सक्रिय है। बदमाशों ने पूछताछ में सक्रिय गिरोह के सरगना के संबंध में जानकारी दी। जिनमें राजेश कुमार उर्फ हीरोहोंडासचिन कुमारधनंजय कुमारसंजय महतोधनराजराजूबिरजू मांझी समेत अन्य है। पुलिस ठगों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई में जुटी है।

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